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Showing posts from August, 2016
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                   सज उठें बाल गोपाल   हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की..., तो लीजिए आ गया जन्माष्टमी का त्यौहार और कान्हा को खूबसूरत ढंग से सजाने का अवसर..., जिसमें आप बाल गोपाल को अपनी इच्छानुसार सजा सकती हैं। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भगवान विष्णु ने कृष्ण के रूप में धरती पर स्वयं जन्म लिया था और लोग आज के दिन अपने घर को साफ सुथरा कर के भगवान श्री कृष्ण को और उनकी पालकी को सजाते हैं। आप चाहें तो पूजा घर को अलग-अलग थीम से सजा सकती हैं। फूल एवं माला से सजे मंदिर आप इस दिन पूजा घर की सजावट रंग-बिरंगे फूलों की लडिय़ों से करें, जिससे न केवल आपका पूजा घर महक उठेगा, बल्कि आकर्षक भी लगेगा। पूजा घर की दीवारों, खिड़कियों एवं दरवाजे को आप लाल, पीले और नीले रंग के चमकदार पर्दों से सजा सकती हैं। बाल गोपाल का श्रृंगार बाल गोपाल को इस दिन नई पोशाक पहनाएं तथा उन्हें नए आभूषण खासतौर पर गले का हार तथा भारी मुकुट पहनाएं, क्योंकि भगवान श्री कृष्ण स्टोन और मोतियों के हैवी वर्क वाली पोशाक पहनते थे, वहीं उनके आभूषण एवं मुकुट बेहद सुद...
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          क्यों चटकें स्नेह के धागे    अक्सर समाचार पत्रों में पढऩे को मिल जाता है कि किसी भाई ने अपनी बहन के प्रेम प्रसंगों के चलते या संपत्ति के कारण निर्मम हत्या कर दी , तो पढ़ कर मन में यह सवाल उठते हैं कि जिस मां - जाई ने उसकी कलाई पर बरसों राखियां बांध कर उसकी लंबी उम्र की कामना की , उसे उन हाथों से एक भाई कैसे मार पाया होगा। जिस बहन के साथ वह बचपन में खेला और उसकी एक मुस्कान के लिए अपनी पॉकेटमनी से खिलौने लाता रहा , उसे मौत की घाट उतारते हुए क्या उसे बहन की भोली मुस्कान याद न आई होगी।    राखी का त्यौहार आते ही जहां भाई - बहन के मन में उल्लास छा जाता है। यह तो ऐसा बंधन है , जो राखी के रेशमी धागों से शुरू हो कर रक्षा के मजबूत वचन तक पहुंचता है। इस रिश्ते में मिठाई की मिठास और चटपटे नमकीन दोनों का मजा एक साथ है।    ऐसे में बड़े भाई या छोटे भाई का बहन को गला...