सज उठें बाल गोपाल
हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की..., तो लीजिए आ गया जन्माष्टमी का त्यौहार और कान्हा को खूबसूरत ढंग से सजाने का अवसर..., जिसमें आप बाल गोपाल को अपनी इच्छानुसार सजा सकती हैं। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भगवान विष्णु ने कृष्ण के रूप में धरती पर स्वयं जन्म लिया था और लोग आज के दिन अपने घर को साफ सुथरा कर के भगवान श्री कृष्ण को और उनकी पालकी को सजाते हैं।
आप चाहें तो पूजा घर को अलग-अलग थीम से सजा सकती हैं।
फूल एवं माला से सजे मंदिर
आप इस दिन पूजा घर की सजावट रंग-बिरंगे फूलों की लडिय़ों से करें, जिससे न केवल आपका पूजा घर महक उठेगा, बल्कि आकर्षक भी लगेगा। पूजा घर की दीवारों, खिड़कियों एवं दरवाजे को आप लाल, पीले और नीले रंग के चमकदार पर्दों से सजा सकती हैं।
बाल गोपाल का श्रृंगार
बाल गोपाल को इस दिन नई पोशाक पहनाएं तथा उन्हें नए आभूषण खासतौर पर गले का हार तथा भारी मुकुट पहनाएं, क्योंकि भगवान श्री कृष्ण स्टोन और मोतियों के हैवी वर्क वाली पोशाक पहनते थे, वहीं उनके आभूषण एवं मुकुट बेहद सुदर एवं भारी हुआ करते थे। मुकुट को मोर पंख से सजाना न भूलें, क्योंकि उन्हें मोर पंख बेहद प्रिय है और इसके बिना उनका श्रृंगार अधूरा माना जाता है।
आप एक प्यारी सी बांसुरी खरीद कर उनके हाथों में पकड़ा सकती हैं।
खुशबूदार माला पहनाएं
भगवान को फूलों की माला न पहनाई जाए, ऐसा तो असंभव है, इस लिए आप उन्हें चमेली के फूलों की खुशबूदार माला पहनाएं।
झूला एवं सिहांसन
हर कोई कान्हा जी को अपने अपने स्टाइल में पूजा घर में विराजित करता है, आप उन्हें के झूले या सिहांसन किसी पर भी बैठा सकती हैं, परंतु इनमें पहले आसन बिछाएं और फिर उसे फूलों, रिबन, घुंघरू या खिलौनों से सजाएं।
गाय
भगवान कृष्ण की मूर्तियों के साथ मिट्टी या फिर चांदी कि बनी गाय सजाएं, आप चाहें तो पूजाघर में मिट्टी के
बने छोटे-छोटे तोते एवं मोर भी सजा सकती हैं।
चंदन से टीका करें
भगवान के माथे पर चंदन से टीका करें।
हेमा शर्मा, चंडीगढ़

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