Mother came herself on the



नवरात्रि पर आप विशेष रूप से इस बात का ध्यान रखती हंै कि इस समय हर चीज मां दुर्गा की पसंद की हो , ताकि वह अपनी आवभगत से खुश हों और इस के लिए आप कई प्रकार की तैयारी भी करती हैं , तो इस बार मां खुद आप के घर चल कर आई है के अहसास के लिए आप उनके चरण भी नवरात्रि पर अपने घर या पूजा घर में बना लें , जिस से कि आप को आध्यात्मिक शक्ति का अहसास भी होगा।
मंदिरों के बाहर भी संगमरमर , सोने अथवा चांदी के देवी चरण लगाएं जाते हैं , जिसे आप साक्षात देवी रूप मानते हुए श्रद्धा से प्रणाम करती हैं , घरों में भी हल्दी एवं कुमकुम से देवी मां के चरणों की आकृति बनाने की परंपरा निभाई जाती है , क्योंकि यह हमें मां के करीब होने का अहसास दिलाते हैं।

Auspicious blessing
देवी मां के चरणों के यह प्रतीक अत्यंत शुभ फलदायी माने जाते हैं। माना जाता है कि मां के चरणों में आध्यात्मिक ऊर्जा होती है , जिसके स्पर्श मात्र से ही हमारा मस्तिष्क को प्रखर बनाता है तथा उनका आशीष हमें मिलता है।

speed
यूं भी चरण गतिशीलता एवं रफ्तार का प्रतीक माने जाते हैं अर्थात जीवन निरंतर चलने का नाम है , अत : हमें भी तो संसार में अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए एक दिन प्रभु चरणों में जा कर मोक्ष प्राप्त करना है।
Turmeric - kumkum the stage
यूं तो इन दिनों मार्केट में स्टिकर से ले कर धातु तक के देवी चरण मिल जाते हैं , परंतु बेहतर यही है कि आप हल्दी एवं कुमकुम से स्वयं मां के चरण बनाएं , क्योंकि यह दोनों ही पूजा में शुभ माने जाते हंै।
मां के चरण पूजा घर में ही नहीं , बल्कि मुख्य द्वार की चौखट पर भी बना सकती हैं , ताकि मां का आशीर्वाद आपके परिवार पर हमेशा बना रहे।
इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पांवों की यह आकृति साथ - साथ नहीं , बल्कि दायां पांव आगे एवं बायां पांव इससे थोड़ा पीछे की ओर बनाएं। इसके अलावा यह चौखट के किनारे पर बनाएं , ताकि उस पर तो किसी ओर के पांव आएं और ही वह खराब हों।

Hema Sharma

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