Posts

Showing posts from December, 2016
Image
27 दिसंबर मिर्जा गालिब के जन्मदिवस पर विशेष :                  इश्क और दर्द का दूसरा नाम है गालिब  ये न थी हमारी किस्मत कि विसाल-ए-यार होता अगर और जीते रहते यही इंतजार होता तेरे वादे पर जिये हम तो ये जहान झूठ जाना कि खुशी से मर न जाते अगर ऐतबार होता                                           मिर्जा गालिब   मोहब्बत को जिस खूबसूरती से गालिब ने पेश किया है, वो सदियों बाद भी मोहब्बत करने वालों के एहसासों की जुबान बना हुआ है, इश्क होने पे गालिब याद आते हैं और दिल टूटने पे भी गालिब ही याद आते हैं, यही नहीं हर टूटा दिल खुद को उनमें ही ढाल लेने का तमन्नाई हो जाता है। उनका ये शेर कि ये न थी हमारी किस्मत कि विसाल-ए-यार होता..., मैं जब भी पढ़ती या कहती हूं, तो सोचती हूं कि किस कद्र उनका दिल टूटा होगा और किस तरह से उन्होंने खुद को संभाला होगा कि हर हालात में शायरी का एक नायाब हीरा उनके अल्फाजों की रौ में बह निकला, उन्होंने अपन...

LIFE STYLE: फिर वही मंडप फिर वही फेरे शादी एक ऐसा बंधन है, ज...

LIFE STYLE: फिर वही मंडप फिर वही फेरे  शादी एक ऐसा बंधन है, ज... : फिर वही मंडप फिर वही फेरे  शादी एक ऐसा बंधन है, जिसे सात जन्म का नहीं तो उम्र भर का तो माना ही जाता है, आज भी बहुत से लोग अपनी श...
Image
फिर वही मंडप फिर वही फेरे  शादी एक ऐसा बंधन है, जिसे सात जन्म का नहीं तो उम्र भर का तो माना ही जाता है, आज भी बहुत से लोग अपनी शादी को जैसे-तैसे निभाने का यत्न करते हैं, फिर भी कई बार शादी टूट ही जाती है और पारिवारिक दबाव के चलते पुनर्विवाह करना पड़ जाता है, ऐसे में फिर वही मंडप और फिर वही फेरे देख कर मन में जहां पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं, वहीं नए रिश्ते को निभाने का डर भी अनजाने ही आ जाता है। पुनर्विवाह का निर्णय कहीं से भी गलत नहीं माना जा सकता, क्योंकि हर किसी को जीवन दोबारा जीने का मौका अवश्य मिलना चाहिए, बस इस रिश्ते को निभाने के लिए दोनों पक्षों को काफी एडजस्टमेंट करनी पड़ती है। जब छूट जाए उसका साथ कभी पहली शादी इतने कड़वे दौर से गुजरती है कि उससे निजात पा कर खुली हवा में सांस लेने जैसा अहसास होता है और दोबारा शादी करने का ख्याल ऐसे लगता है कि मानों आप एक बार फिर से उसी पिंजरे  में कैद हो जाएंगी और कभी जीवन साथी की असमय मृत्यु हो जाने से उसके साथ जुड़ी मधुर यादें दूसरी शादी की इजाजत ही नहीं दे पातीं। परिस्थितियां कोई भी हों, परंतु यह मान कर चले कि...
Image
                                 प्यार नहीं होता एक्सपायरी  प्यार दो युवाओं के दिलों में धडक़ने वाली उमंगों या ख्वाबों का नाम नहीं है, जो कि उम्र ढलने के साथ कम हो जाएगा या एक्सपायरी हो जाएगा, यह तो एक अहसास का नाम है, एक दूसरे का स्पर्श का कंपन है, जो कि ता-उम्र दिलों में बसता है, तभी तो कहते हैं कि प्यार की कोई उम्र नहीं होती तथा यह हमेशा दिलों में बसा रहता है। बस उस प्यार को देखने वाली नजर होनी चाहिए और महसूस करने वाला एक दिल होना चाहिए। उम्र नहीं रखती मायने प्यार जिसे भी होता है, उस शख्स को शायर बना देता है, सारी कायनात एक नए ही रंग में नजर आती है और दुनिया को देखने का नजरिया ही बदल जाता है। प्यार में उम्र कभी भी मायने नहीं रखती, यह कहना बेमानी है कि युवावस्था निकलने के बाद प्यार खत्म हो जाता है, ऐसे बहुत से जोड़े आप देख सकते हैं, जिनमें बड़ी उम्र में भी प्यार का अहसास कायम होता है। यही कारण है कि आप दुनिया के किसी भी कोने में चले जाएं, आपको कहीं न कहीं बड़ी उम्र की एक प्रेम कहा...