प्यार नहीं होता एक्सपायरी 



प्यार दो युवाओं के दिलों में धडक़ने वाली उमंगों या ख्वाबों का नाम नहीं है, जो कि उम्र ढलने के साथ कम हो जाएगा या एक्सपायरी हो जाएगा, यह तो एक अहसास का नाम है, एक दूसरे का स्पर्श का कंपन है, जो कि ता-उम्र दिलों में बसता है, तभी तो कहते हैं कि प्यार की कोई उम्र नहीं होती तथा यह हमेशा दिलों में बसा रहता है। बस उस प्यार को देखने वाली नजर होनी चाहिए और महसूस करने वाला एक दिल होना चाहिए।

उम्र नहीं रखती मायने

प्यार जिसे भी होता है, उस शख्स को शायर बना देता है, सारी कायनात एक नए ही रंग में नजर आती है और दुनिया को देखने का नजरिया ही बदल जाता है। प्यार में उम्र कभी भी मायने नहीं रखती, यह कहना बेमानी है कि युवावस्था निकलने के बाद प्यार खत्म हो जाता है, ऐसे बहुत से जोड़े आप देख सकते हैं, जिनमें बड़ी उम्र में भी प्यार का अहसास कायम होता है। यही कारण है कि आप दुनिया के किसी भी कोने में चले जाएं, आपको कहीं न कहीं बड़ी उम्र की एक प्रेम कहानी जन्म लेती और परिपक्व होते नजर आ जाएगी, वे प्यार करने वाले तो जानते भी नहीं कि उनका प्रेम दूसरों के लिए एक कहानी है, वे तो बस अपने प्यार में ही डूबे रहते हैं।

जब होता है प्यार
जब प्यार होता है, तो कुदरत में हर ओर संगीत सुनाई देने लगता है, बारिश की रिमझिम बूंदों में, नदिया की लहरों में, झरने के गिरते पानी में, पक्षियों के चहचहाने में, भंवरे की गुंजन में, चलती मस्त ब्यार में, मोर के नाचने में, तारों की चमक में, सागर की लहरों में और दिल की धडक़न में प्यारभरा संगीत सुनाई देता है। यह ऐसे अहसास हैं जो युवा मन में और बड़ी उम्र में एक समान पनपते हैं, यह वह भावनाएं हैं जो समय के दर्पण में धुंधली नहीं पड़ती, तो ऐसे में यह सोचना कि बच्चों के बड़े हो जाने के बाद दिलों से प्यार भी खत्म हो जाता है बेमानी सा लगता है, तभी तो प्यार की एक्सपायरी डेट हो ही नहीं सकती।

जिम्मेदारी में दबे न प्यार
प्यार देखा नहीं जा सकता बस महसूस किया जा सकता है, प्यार का कोई पैमाना नहीं होता कि उसे मापा जा सके, फिर भी दूसरे के लिए जताया तो जा सकता है। यदि आप अपने साथी के लिए पूरी तरह से समॢपत हैं, तो प्यार की भावनाएं सदा दिलों में ङ्क्षजदा रहती हैं।
यह सोचना कि बच्चे होन के बाद प्यार भी खत्म हो जाता है, बिल्कुल गलत है, क्योंकि जिम्मेदारियों के बढऩे पर वह दब जरूर जाता है, परंतु खत्म नहीं होता, ऐसे में जिम्मेदारियों के बीच भी अपने साथी के लिए वक्त जरूर निकालें, यह मत सोचें कि अब आपकी ङ्क्षजदगी पर केवल बच्चों का ही हक है। इसके अलावा बच्चों के बड़े होने पर अक्सर पति-पत्नी यह कहते सुने जा सकते हैं कि अब इस उम्र में यह चोंचले अच्छे नहीं लगते, बच्चे बड़े हो गए हैं और वे क्या सोचेंगे हम लोगों के बारे में, परंतु अब वक्त बदल रहा है।

जरूरी है प्यार
जीवन में एक प्यारभरा होना रिश्ता बेहद जरूरी है, जिस पर आप विश्वास कर सकें, जिससे आप प्यार का इजहार कर सकें। प्यार के बिना जीवन कैसा, न चेहरे पर हंसी और न दिल में खुशी, न किसी के साथ सुख दुख बांटना, न किसी के दिल का हाल जानना, न कोई आंसू पोंछने वाला, न कोई संग आसमान के तारे गिनने वाला, न कोई साथ में चांदनी रात का लुत्फ उठाने वाला कोई हो, तो एक वक्त ऐसा आएगा, जब जीवन में खालीपन का अहसास होने लगेगा।

ऐसे में जीवन में जिम्मेदारियों को निभाते हुए भी प्यार के मीठे लम्हों को जीने का प्रयास करें, फिर भले ही आप उम्र की कितनी ही लंबी सीढिय़ां क्यों न चढ़ चुके हों, क्योंकि उम्र का कोई पड़ाव आप को कभी नहीं कहेगा कि अब आप प्यार की राह पर नहीं चल सकते, क्योंकि आप बूढ़े हो गए हैं। अपने प्यार का हाथ थाम कर उसे अब भी आप उससे प्यारभरी बातें करेंगे, तो उसका चेहरा हल्का सा गुलाबी हो जाएगा और आंखें शर्म से झुक जाएंगी। एक बार कोशिश कर के तो देखें, फिर पता चलेगा कि प्यार की एक्सपायरी डेट कभी नहीं होती।
                                                                                                                                   हेमा शर्मा




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