फिर वही मंडप फिर वही फेरे
शादी एक ऐसा बंधन है, जिसे सात जन्म का नहीं तो उम्र भर का तो माना ही जाता है, आज भी बहुत से लोग अपनी शादी को जैसे-तैसे निभाने का यत्न करते हैं, फिर भी कई बार शादी टूट ही जाती है और पारिवारिक दबाव के चलते पुनर्विवाह करना पड़ जाता है, ऐसे में फिर वही मंडप और फिर वही फेरे देख कर मन में जहां पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं, वहीं नए रिश्ते को निभाने का डर भी अनजाने ही आ जाता है। पुनर्विवाह का निर्णय कहीं से भी गलत नहीं माना जा सकता, क्योंकि हर किसी को जीवन दोबारा जीने का मौका अवश्य मिलना चाहिए, बस इस रिश्ते को निभाने के लिए दोनों पक्षों को काफी एडजस्टमेंट करनी पड़ती है।जब छूट जाए उसका साथ
कभी पहली शादी इतने कड़वे दौर से गुजरती है कि उससे निजात पा कर खुली हवा में सांस लेने जैसा अहसास होता है और दोबारा शादी करने का ख्याल ऐसे लगता है कि मानों आप एक बार फिर से उसी पिंजरे में कैद हो जाएंगी और कभी जीवन साथी की असमय मृत्यु हो जाने से उसके साथ जुड़ी मधुर यादें दूसरी शादी की इजाजत ही नहीं दे पातीं। परिस्थितियां कोई भी हों, परंतु यह मान कर चले कि न तो जिंदगी तन्हा कटती है और न ही हर बार धोखा मिलता है, सो जब किसी का साथ छूट जाए, तो नया साथी बनाने में हिचकिचाना नहीं चाहिए।
वास्तव में समझौता है पुनर्विवाह
पहली शादी में आप ख्वाबों की दुनिया में खोई होती हैं और गहराई से किसी और चीज के बारे में सोचना नहीं चाहतीं, तब सामने वाले की कमियां भी आपको नजर नहीं आती हैं, परंतु पुनर्विवाह वास्तव में एक समझौता होता है, क्योंकि उसमें अपनी मर्जी से कम दूसरों के दबाव में आ कर निर्णय ज्यादा लिए जाते हैं।
- सबसे पहले तो अपने मन से कड़वी यादों को बाहर निकाल दें, ताकि आप अपने नए जीवन साथी पर बात-बात पर संदेह न कर पाएं और न ही स्वयं असुरक्षित महसूस करें।
- प्रफैक्ट जीवन साथी किसी का भी नहीं होता, क्योंकि जहां सामने वाले में खूबियां हैं, तो उसमें दोष भी होंगे, अत: उसे वैसे ही अपनाएं जैसा कि वह है।
- जब पुनर्विवाह का आधार ही जरूरत है, तो इस बात को परख लें कि आप एक-दूसरे की जरूरतों को पूरा कर पाते हैं या नहीं, मसलन यदि आप अकेली हैं परंतु शादी एक बच्चे वाले से कर रही हैं, तो क्या आप उसे मां का प्यार दे पाएंगी। यदि दोनों के बच्चे हैं, तो क्या आप समान रूप से दोनों तरफ के बच्चों को प्यार एवं देखभाल दे पाएंगे या फिर आप उसके परिवार की देखभाल सही ढंग से कर पाएंगी, क्योंकि यदि आपको लगे कि यह सब संभव है, तो फिर आप उस शख्स से तुरंत शादी कर सकती हैं।
अलग होने की वजह जानें
यदि आपका भावी जीवनसाथी भी तलाकशुदा है, तो उसके तलाक के कागजात अच्दी तरह से जांच लें, उससे तलाक की सही वजह जानने का प्रयास करें कि गलती उसकी थी या पत्नी की और स्वयं को भी एक बार परख लें कि एक बार जिस बात को लेकर तलाक हो चुका है, कहीं वह कमियां आप में भी तो नहीं है या जिन परिस्थितियों से आप निकली हैं, कहीं वह उस घर में भी तो नहीं हैं, इससे आपको निर्णय लेने में आसानी होगी।
पुनर्विवाह और तालमेल
- आप जिस राह या जिस शख्स को हमेशा के लिए छोड़ आए हैं, उसकी यादों को भी अपने नए जीवन में हावी न होने दें, ताकि आपको इससे कोई परेशानी न हो।
- वह कभी राह में मिल जाए तो आपके मौजूदा जीवन साथी को यह नहीं लगना चाहिए कि उससे जुदा हो कर आप बेहद पछता रहे हैं, यह दांपत्य में जहर ही घोलेगा।
- जो गलतियां पहली शादी में हो गई हैं, उन्हें दोबारा दोहराने की गलती न करें।
- यदि आप दोनों के बच्चे हैं, तो उन्हें एक-दूसरे से मिक्स होने का समय दें, क्योंकि बच्चे नए भाई-बहन या मां-बाप से एकदम से रिश्ता नहीं जोड़ पाते हैं।
- अपने अंतरंग रिश्ते पर पूर्व जीवन का असर न होने दें और एक-दूसरे के प्रति समर्पित रहें, क्योंकि एक-दूसरे की इच्छा का ध्यान रखना ही दांपत्य जीवन की सफलता का गहरा राज है। जब आप एक-दूसरे पर विश्वास करते हैं, तो यह रिश्ता और भी ज्यादा प्रफ्फुलित होता है।
नए सपने देखें
जीवन में जो हो चुका वह तो अतीत है, परंतु अब आपके सामने नया जीवन और नया आसमान है तथा खुशियां एक बार फिर से आपको बाहें पसारे बुला रही हैं, सो नए जीवन का स्वागत करें तथा नए सपने देखें, फिर आप पाएंगे कि पुनॢववाह आपके जीवन में एक नया सवेरा लेकर आया है।
हेमा शर्मा


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