सज उठे पूजा की थाली नवरात्रि में पूजा की थाली महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि थाली भी बेहतरीन ढंग से सजा कर पूजा की जाए, तो पूजा एवं त्यौहारों का मजा दोगुना हो जाता है और ऐसी सजी-संवरी थाली को देख कर हर किसी का मन पुलक उठता है। - यदि आपको पूजा के लिए कलात्मक थाली सजाने की इच्छा है, तो एक स्टील की थाली ले कर, पेंट कर के उस पर विभिन्न प्रकार के वर्क किए जा सकते हैं। वैसे आजकल ट्रेडिशनल वर्क का प्रचलन अधिक है। चाहें तो कोन में ऑयल पेंट भर कर भी थाली पर मनचाहा डिजाइन भी बना सकती हैं। उसके बीच-बीच में कांच चिपका कर उसे और आकर्षक बना सकती हैं या फिर कुंदन, स्टोन, जरदोजी, सितारे आदि लगा कर भी अलग तरह का वर्क किया जा सकता है। अपनी कल्पना शक्ति को यूज कर आप थाली को मनचाहा डिजाइन प्रदान कर सकती हैं। - यदि पत्ती, फूल या किसी विशेष आकार वाली थाली घर में हो, तो सजावट की खास जरूरत नहीं। बस इतना ध्यान रखें कि ऐसी थाली में मिठाई सफेद तथा फूल यदि पीले रंग के हों, तो क्या बात है। - वेलवेट पेपर को थाली के अंदर के माप के अनुसार गोलाकार काट कर थाली के अंदर चिपका दें। कटोरियों क...
Popular posts from this blog
Mother came herself on the नवरात्रि पर आप विशेष रूप से इस बात का ध्यान रखती हंै कि इस समय हर चीज मां दुर्गा की पसंद की हो , ताकि वह अपनी आवभगत से खुश हों और इस के लिए आप कई प्रकार की तैयारी भी करती हैं , तो इस बार मां खुद आप के घर चल कर आई है के अहसास के लिए आप उनके चरण भी नवरात्रि पर अपने घर या पूजा घर में बना लें , जिस से कि आप को आध्यात्मिक शक्ति का अहसास भी होगा। मंदिरों के बाहर भी संगमरमर , सोने अथवा चांदी के देवी चरण लगाएं जाते हैं , जिसे आप साक्षात देवी रूप मानते हुए श्रद्धा से प्रणाम करती हैं , घरों में भी हल्दी एवं कुमकुम से देवी मां के चरणों की आकृति बनाने की परंपरा निभाई जाती है , क्योंकि यह हमें मां के करीब होने का अहसास दिलाते हैं। Auspicious blessing देवी मां के चरणों के यह प्रतीक अत्यंत शुभ फलदायी माने जाते हैं। माना जाता है कि मां के चरणों में आध्यात्मिक ऊर्जा होती है , जिसके स्पर्श मात्र ...
सज उठें बाल गोपाल हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की..., तो लीजिए आ गया जन्माष्टमी का त्यौहार और कान्हा को खूबसूरत ढंग से सजाने का अवसर..., जिसमें आप बाल गोपाल को अपनी इच्छानुसार सजा सकती हैं। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भगवान विष्णु ने कृष्ण के रूप में धरती पर स्वयं जन्म लिया था और लोग आज के दिन अपने घर को साफ सुथरा कर के भगवान श्री कृष्ण को और उनकी पालकी को सजाते हैं। आप चाहें तो पूजा घर को अलग-अलग थीम से सजा सकती हैं। फूल एवं माला से सजे मंदिर आप इस दिन पूजा घर की सजावट रंग-बिरंगे फूलों की लडिय़ों से करें, जिससे न केवल आपका पूजा घर महक उठेगा, बल्कि आकर्षक भी लगेगा। पूजा घर की दीवारों, खिड़कियों एवं दरवाजे को आप लाल, पीले और नीले रंग के चमकदार पर्दों से सजा सकती हैं। बाल गोपाल का श्रृंगार बाल गोपाल को इस दिन नई पोशाक पहनाएं तथा उन्हें नए आभूषण खासतौर पर गले का हार तथा भारी मुकुट पहनाएं, क्योंकि भगवान श्री कृष्ण स्टोन और मोतियों के हैवी वर्क वाली पोशाक पहनते थे, वहीं उनके आभूषण एवं मुकुट बेहद सुद...



Comments
Post a Comment