मेरे प्यार की उम्र हो इतनी सनम ... ... प्यार और मोहब्बत से जुड़ा हुआ रिश्ता होता है पति और पत्नी का , जिसे वे सारी उम्र एक - दूसरे के साथ ही निभाना चाहते हैं , परंतु कोई भी रिश्ता हमेशा बना रहेगा इसकी कोई भी गारंटी नहीं ले सकता है। रिश्तों को लगातार प्यार , संयम और विश्वास से सींचना पड़ता है , जिसमें कि सालों लग जाते हैं। जब सामने वाले से जरूरत से ज्यादा अपेक्षा रखी जाने लगती है , तो इसका बोझ रिश्ते नहीं उठा पाते हैं और टूट जाते हैं। हम सभी में कुछ कमियां और कमजोरियां होती हैं , जिनसे ऊपर भी खुद हमें ही उठना पड़ता है। जब हम अपने जीवनसाथी की भावनाओं को ठीक से समझ नहीं पाते हैं , तो श्तिे टूटने की कगार पर आ जाते हैं और जब हम अपने रिश्ते में कुछ चीजों को जोड़ते चले जाते हैं तो रिश्ते लंबे समय तक टिके रहते हैं कि दिल गुनगुना उठता है , मेरे प्यार की उम्र हो इतनी सनम , तेरे नाम ...