मेरे प्यार की उम्र हो इतनी सनम ... ...
प्यार और मोहब्बत से जुड़ा हुआ रिश्ता होता है पति और पत्नी का, जिसे वे सारी उम्र एक-दूसरे के साथ ही निभाना चाहते हैं, परंतु कोई भी रिश्ता हमेशा बना रहेगा इसकी कोई भी गारंटी नहीं ले सकता है। रिश्तों को लगातार प्यार, संयम और विश्वास से सींचना पड़ता है, जिसमें कि सालों लग जाते हैं। जब सामने वाले से जरूरत से ज्यादा अपेक्षा रखी जाने लगती है, तो इसका बोझ रिश्ते नहीं उठा पाते हैं और टूट जाते हैं। हम सभी में कुछ कमियां और कमजोरियां होती हैं, जिनसे ऊपर भी खुद हमें ही उठना पड़ता है।
जब हम अपने जीवनसाथी की भावनाओं को ठीक से समझ नहीं पाते हैं, तो श्तिे टूटने की कगार पर आ जाते हैं और जब हम अपने रिश्ते में कुछ चीजों को जोड़ते चले जाते हैं तो रिश्ते लंबे समय तक टिके रहते हैं कि दिल गुनगुना उठता है, मेरे प्यार की उम्र हो इतनी सनम, तेरे नाम से शुरू तेरे नाम पे खत्म... ...।
प्यार जताना भी जरूरी
अपने रिश्ते में समय-समय पर प्यार जताना जरूरी होता है ताकि आपके साथी को यह लगता रहे कि आपके लिए इस जुड़ाव की अहमियत भी है। कभी अपने जीवनसाथी के लिए फूल खरीद लें तो कभी उसकी पसंद की कुछ चीजें करें, देखने में भले ही यह बहुत छोटी-छोटी सी बातें हैं, परंतु यह आपके प्यार के रिश्ते को हमेशा के लिए बनाए रखेंगी। किसी भी रिश्ते में जब एक व्यक्ति को यह लगने लगता है कि उसकी कोई अहमियत नहीं है तो यहीं से दिलों में दरार पडऩी शुरू हो जाती है। जीवन में पैसों की कमी भले ही आ जाए, परंतु एक दूसरे से प्यार और जुड़ाव की कमी नहीं आनी चाहिए, फिर देखिए कि किसी भी परिस्थिति में रिश्ते नहीं टूटेंगे।
गलतियों को मानें
झगड़ा और गलतफहमी हर रिश्ते में होती है, परंतु जब दोनों ही अपनी गलतियों के लिए माफी मांगने की समझ रखते हैं तो रिश्ता कायम रहता है। अपनी गलती स्वीकार कर लेने का अर्थ यह नहीं होता कि आप सामने वाले से झुक गए या आपने हार मान ली, बल्कि जब आप अपने अहम को छोड़ कर अपने साथी को मनाने की कोशिश करते हैं, तो इसका अर्थ यह होता है कि आप उनसे बेहद प्रेम करते हैं, तथा उनसे एक पल की दूरी भी आपको गवारा नहीं है और इसी से दिल के सारे शिकवे दूर हो जाते हैं।
प्रेम से बात करें
आप भले ही उनसे कितना ही प्रेम क्यों न करते हों, यदि आपकी वाणी में माधुर्य नहीं तथा बातों में प्रेम का रस नहीं तो सामने वाले को कैसे समझ आएगा कि उनके दिल में आपके दिल में कितना प्यार है। यदि आप किसी बात पर बहुत गुस्से में भी हैं तो भी अपनी टोन में उतनी कड़वाहट आने दें, जो कि रिश्ते में दूरियां ले आए।
उसे महत्व दें
जब भी आपका जीवनसाथी आपको मैसेज करता है तो आप किस तरह और कितनी देर में उसका जवाब देते हैं, इससे भी पता चलता है कि आपका रिश्ता किस दौर से गुजर रहा है। जो अपने जीवनसाथी के फोन या संदेश को महत्व नहीं देते हैं, वे अपने रिश्ते को मुश्किल में डाल रहे होते हैं। जिस रिश्ते में दोनों ही एक-दूसरे के साथ संवाद का अवसर हाथ से नहीं जाने देते तथा अपनी जिंदगी में उसे पूरा महत्व देते हैं, उनका रिश्ता ही देर तक टिका रहता है।
कमियों को भी अपनाएं
किसी रिश्ते की शुरूआत में दो व्यक्तियों में बहुत ज्यादा प्रेम होता है और तब सारा ध्यान एक-दूसरे की खूबियों पर ही होता है, परंतु समय के साथ सामने वाले की कमियां भी तो उजागर होंगी ही, सो उनकी कमियों को नजर अंदाज कर के यदि आप खूबियों पर ही ध्यान लगाएं तो रिश्ता कायम रहेगा। जब सामने वाले की कमी उसकी खूबी से बड़ी नजर आने लगे तो समझ लें कि अब उसके दिल से प्यार भी कम होने लगा है। यह मान कर चलें कि कोई भी व्यक्ति पूरी तरह से प्रफेक्ट नहीं होता है प्रफेक्शन तो आपको तलाशना पड़ता है, सो जिसे प्यार करते हैं, उसकी कमियों को भी अपना लें।
वक्त साथ में बिताएं
यदि आप दोनों अपना खाली वक्त एक दूसरे के साथ गुजारना पसंद करते हैं, तो फिर आपका रिश्ता सेफ जोन में हैं और यदि आप अपने खाली वक्त में कहीं अकेले जाना पसंद करते हैं या उन चीजों को करने के बारे में सोचते हैं जो लंबे समय से अटकी पड़ी है, तब जीवन साथी को मिलने वाला वक्त और भी कम हो जाता है, ऐसे में आपसी उलझनों को सुलझाने का समय ही नहीं मिल पाता है।
इस लिए इस बात का ध्यान रखें कि साथ बिताये जाने वाला समय भले ही ज्यादा न हो, परंतु जितना भी हो, उसे शानदार ढंग और जिंदादिली से जीने का प्रयास करें।
हेमा शर्मा



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